महावीर मन्दिर प्रकाशन लोगो

Dharmayan Article Index- 61-90

धर्मायण पत्रिका

अंक 61

  1. (सम्पादकीय आलेख) मन एव मनुष्यामां कारणं बन्धमोक्षयोः पं. मार्कण्डेय शारदेय
  2. हर हर महादेव— आचार्य सीताराम चतुर्वेदी
  3. लोकप्रचलित सत्यनारायण-कथा : आधारान्वेषण— आचार्य किशोर कुणाल
  4. गोपी-तत्त्व-मीमांसा— कैलाश त्रिपाठी
  5. मनु की दृष्टि में नारी —विद्यावाचस्पति डा. श्रीरंजन सूरिदेव
  6. धर्म और श्रीराम—दामोदर दत्त मिश्र ‘प्रसून’ ।
  7. ऋषि-संस्कृति और कृषि-संस्कृति —प्रो. रामाश्रय प्रसाद सिंह
  8. सत्य की अवधारणा—आचार्य सारंगधर
  9. हिन्दू धर्मः महात्मा गांधी के विचार-दर्शन — डा. एस.एन.पी. सिन्हा
  10. विश्वधर्म के प्रवर्तकः सर्वपल्ली राधाकृष्णनरामधारी सिंह ‘दिनकर’
  11. धर्म और धर्म-परिवर्तन —डा. रामजी सिंह
  12. योगवासिष्ठ और मुसलमान — प्रताप कुमार मिश्र
  13. बुद्धचरित और यशोधरा— डी. आर. ब्रह्मचारी
  14. बालविवाह : न धर्मसम्मत, न विधिसम्मत— कृष्णानन्द
  15. लोकसाहित्य के विविध आयाम —डा. वीरेन्द्र कुमार वसु
  16. भारतीय स्वातन्त्र्य-समर की अप्रतिम वीरांगना : दुर्गा भाभी — परमानन्द दोषी
  17. पाठकीय प्रतिक्रिया
  18. व्रत-त्योहार 

अंक 62

  1. (सम्पादकीय आलेख) दान्तो भक्तवशोऽस्मि भोः पं. मार्कण्डेय शारदेय
  2. हर हर महादेव—आचार्य सीताराम चतुर्वेदी
  3. आदिशंकराचार्य-कृत दशावतार-स्तोत्र
  4. आदिपुरुष मनु महाराज और मनुस्मृति का रचयिता सुमति भार्गव—आचार्य किशोर कुणाल
  5. सूरसाहित्य में द्वन्द्व समास— डा० युगेश्वर
  6. पाटलिपुत्र के राधावल्लभ-सम्प्रदाय की आचार्य-परम्परा विद्यावाचस्पति डा० श्रीरंजन सूरिदेव
  7. वैराग्यरागरसिको भव भक्तिनिष्ठ —प्रो० रामाश्रय प्रसाद सिंह
  8. सिद्धि माता— जयकान्त मिश्र
  9. राष्ट्रहितैषिणी वीरांगनाः माता कैकेयी महेश प्रसाद पाठक
  10. धर्म में समन्वय की भावना — डा० एस०एन०पी० सिन्हा
  11. बन्धन-दायक है आसुरी सम्पत्ति — गोपालजी
  12. विश्वविख्यात विचारकों की दृष्टि में हिन्दुस्तान और हिन्दुत्व—डा० भुवनेश्वर प्रसाद गुरुमैता
  13. सद्धर्म, स्वातन्त्र्य, स्वदेश-सेवा— माखनलाल चतुर्वेदी
  14. संस्कारों के लौकिक एवं पारलौकिक महत्त्व—डा० रामविलास चौधरी
  15. कबीर साहब की संवेदनशीलता — आचार्य सूर्यदत्त शास्त्री ‘रक्ताभ’
  16. हिन्दीसेवी विदेशी सन्त डा० कामिल बुल्के— परमानन्द दोषी 
  17. भ्रूण-पंचाशिका भवनाथ झा 
  18. गोचर में सिंहराशिगत बृहस्पति का प्रभाव — आचार्य राजनाथ झा
  19. यशःशेष परमहंस रामचन्द्रदासजी
  20. पाठकीय प्रतिक्रिया
  21. व्रत-त्योहार

अंक 63

  1. (सम्पादकीय आलेख) देवदत्तो यथा कश्चित्पुत्राद्याह्वाननामतः पं. मार्कण्डेय शारदेय
  2. हर हर महादेव—आचार्य सीताराम चतुर्वेदी
  3. गोस्वामी तुलसीदास—आचार्य किशोर कुणाल
  4. ज्ञानगंज : गुप्त योगशिक्षा केन्द्र— डा० श्रीरंजन सूरिदेव
  5. असमय के सखा प्रो० रामाश्रय प्रसाद सिंह
  6. गीतासार : एक दृष्टि —डा० विद्यानन्द उपाध्याय
  7. श्रीविद्योपासना— दामोदर दत्त मिश्र ‘प्रसून’
  8. देहाभिमान का मिट जाना ही मुक्ति है—डा० भुलन सिंह
  9. ईश्वरगीताः एक अनुशीलन — डा० राजेन्द्र झा 
  10. या देवी सर्वभूतेषु मातृ-रूपेण संस्थिता—डा एस० एन० पी० सिन्हा
  11. मृत्युकी अवधारणा—आचार्य सारंगधर
  12. वनस्पतियों से मानवकल्याण डा० रामविलास चौधरी
  13. आहार-शुद्धि से ब्रह्मानन्द की प्राप्ति गोपालजी
  14. भ्रूण-पंचाशिकावनाथ झा
  15. सूर के उपालम्भ— डी० आर० ब्रह्मचारी
  16. प्राचीन हिन्दू-वैज्ञानिक विचारों की वैश्विक श्रेष्ठता—डा० भुवनेश्वर प्रसाद गुरुमैता 
  17. राष्ट्रीय चेतना के अग्रदूत : स्वामी विवेकानन्द— डा० श्यामानन्दलाल दास
  18. पाठकीय प्रतिक्रिया
  19. व्रत-त्योहार

अंक 64-65

  1. (सम्पादकीय आलेख) भवानी-शंकरौ वंदे श्रद्धाविस्वासरूपिणौ पं. मार्कण्डेय शारदेय
  2. हर हर महादेव— आचार्य सीताराम चतुर्वेदी
  3. अवतार में अवतार डा० युगेश्वर
  4. सा विद्याया विमुक्तये मूलभाव —डा० श्रीरंजन सूरिदेव
  5. श्रवणकुमार का उपाख्यान — आचार्य किशोर कुणाल
  6. सरस्वती-कृपा से ही साहित्य-सृजन सम्भव—कृष्णानन्द
  7. शारदा-शतनाम उपनिषदों में प्रतिपादित आत्मा एवं ब्रह्म —डा० रामविलास चौधरी 
  8. धरती, संस्कृति और भाषाःराष्ट्रीयता की पहचान के तीन तत्त्व—प्रो० रामाश्रय प्रसाद सिंह
  9. परम शान्ति का मूल मन्त्र :”…सर्वभूतहिते रताः” — डा० एस०एन०पी० सिन्हा 
  10. यशोदा के भाग्य — रामभवन सिंह
  11. वेदों में पशुबलि का विधान नहीं कमलेश नन्दिनी
  12. मानस में मानवीय दृष्टियाँ कैलाश त्रिपाठी
  13. हिन्दी के प्रचार-प्रसार में धर्म-संवाहकों का योगदान—डा० तारकेश्वर नाथ सिन्हा 
  14. कविवर रहीम की भक्तिभावना डी० आर० ब्रह्मचारी
  15. भ्रूण-पंचाशिका— भवनाथ झा
  16. पाठकीय प्रतिक्रिया
  17. व्रत-त्योहार

अंक 66

  1. (सम्पादकीय आलेख) आचारहीनं न पुनन्ति वेदाः — पं. मार्कण्डेय शारदेय
  2. हर हर महादेव—आचार्य सीताराम चतुर्वेदी
  3. तत्सुख-सुखिता डा० युगेश्वर
  4. वल्लभाचार्य का पुष्टिमार्ग — विद्यावाचस्पति डा० श्रीरंजन सूरिदेव
  5. आर्यजीवन-धारा के दो सुदृढ़ किनारे—प्रो० रामाश्रय प्रसाद सिंह
  6. भरत और भरद्वाज के आख्यान—आचार्य किशोर कुणाल
  7. भगवान् बुद्ध और उनके सन्देश —डा० एस० एन० पी० सिन्हा
  8. परमाक्षर ‘एवं’ —जयकान्त मिश्र
  9. कवि तुलसी के भक्तिपरक विचार—डा० कृष्णानन्द प्रसाद ‘अभिलाषी’
  10. सुखस्य मूलं धर्मः — डा० रामविलास चौधरी
  11. पन्थ और सम्प्रदाय : धर्म के निकट या दूर—डा० विनोद कुमार सिन्हा
  12. ‘पार्वती-मंगल’ की रचना का कालनिर्धारण भवनाथ झा 
  13. श्री रामानन्द का व्यक्तित्व एवं कृतित्व — डा० कैलाशनाथ द्विवेदी
  14. वैदिक संस्कृति : भारत की शाश्वत राष्ट्रीयता ब्रजनन्दन प्रसाद सिंह
  15. पुरुषोत्तममास-विधान— भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
  16. पाठकीय प्रतिक्रिया
  17. व्रत-त्योहार 

अंक 67

  1. (सम्पादकीय आलेख) परिपालय देवि विश्वम् पं. मार्कण्डेय शारदेय
  2. जैन धर्म के प्रवर्तक : भगवान् आदिनाथ ऋषभदेव डा० एस० एन० पी० सिन्हा
  3. मारिशस में रामायण डा० श्यामसुन्दर घोष
  4. विजयादशमी का पावन पर्व : प्रतीकार्थ के साथ प्रो० रामाश्रय प्रसाद सिंह
  5. ब्राह्मण एवं श्रमण परम्परा का समन्वय—आचार्य किशोर कुणाल 
  6. आदिकवि वाल्मीकि के इतिवृत्त में विविधता —साहित्यवाचस्पति डा० श्रीरंजन सूरिदेव
  7. श्रीनारायण स्तुति— अरविन्द मानव
  8. कठोपनिषद् में नचिकेता के तीन वर— डा० रामविलास चौधरी 
  9. हर हर महादेव— आचार्य सीताराम चतुर्वेदी
  10. दलितों के संन्यासी-स्वामी सहजानन्द सरस्वती परमानन्द दोषी
  11. भारतीय साहित्य में शक्ति की अभिव्यंजना डा० भुवनेश्वर प्रसाद गुरुमैता
  12. ठसक छोरि रसखान—डी० आर० ब्रह्मचारी
  13. सुनु सुत तोहि उरिन मैं नाहीं— डा० कामाख्या चरण मिश्र
  14. मन के जीतें जीत— डा० भुलन सिंह
  15. कबीर की रामोपासना—ब्रजनन्दन प्रसाद सिंह
  16. प्राक्-स्वतन्त्रतायुगीन हिन्दी नाटकों की राष्ट्रीय चेतना— डा० तारकेश्वर नाथ सिन्हा
  17. बौधायनकृत दुर्गार्चन-पद्धति
  18. भक्तिहि ज्ञानहि नहीं कछु भेदा—गोपालजी
  19. पाठकीय प्रतिक्रिया
  20. छठ पर्व पर विशेष उपयोगी मन्त्र
  21. व्रत-त्योहार

अंक 68

  1. (सम्पादकीय आलेख) वाग् वै सरस्वती भवनाथ झा
  2. आर्य-संस्कृति और बिहार— विद्यावाचस्पति डा० श्रीरंजन सूरिदेव
  3. इन्द्रभूति गौतम गणधर— जगदीश पाण्डेय ‘गौतम’
  4. प्रसाद के नाटकों में राष्ट्रीय चेतना— डा० तारकेश्वर नाथ सिन्हा
  5. आत्मनो मोक्षार्थं जगद्धिताय च— डा० एस० एन० पी० सिन्हा
  6. सर्वोपरि धर्म : सेवा— डी० आर० ब्रह्मचारी
  7. कालपुरुष की योजना —डा० श्यामसुन्दर घोष
  8. गोस्वामी तुलसीदास अविवाहित थे— ब्रजनन्दन प्रसाद सिंह
  9. क्रान्तिकारी बाला प्रीतिलता वद्देदार— परमानन्द दोषी
  10. असुर-संहार की कारणभूत सीता— डॉ शिववंश पाण्डेय
  11. प्लवगपुंगव हनुमान्— जयकान्त मिश्र
  12. वियोगिनी वैदेही और ऊर्दू कविता में सीता— डा० प्रणव देव
  13. उपनिषदों की सुगन्धि है गीता— गोपालजी
  14. गीता का भक्ति-योग— कैलाश त्रिपाठी
  15. माया— वासुदेव पाण्डेय
  16. व्रत-त्योहार
  17. अन्य स्थायी स्तम्भ

अंक 69

  1. (सम्पादकीय आलेख) न ब्रूयात् सत्यमप्रियम् भवनाथ झा
  2. भारतीय अध्यात्म-चिन्तन और सर्वधर्म समभाव— डा. एस. एन. पी. सिन्हा 
  3. परमार्थदर्शनम् : सप्तम भारतीय दर्शन— साहित्यवाचस्पति डॉ. श्रीरंजन सूरिदेव
  4. मैथिली साहित्य में राम-भक्ति-काव्य— डा० तीर्थ नाथ मिश्र
  5. श्री अरविन्द : सावित्री एवं प्रकृति— प्रो० श्री कान्त प्रसून
  6. प्रकृति, विकृति एवं पर्यावरण— प्रो० रामविलास चौधरी
  7. आग्रह के विग्रह— डा० शिवदत्त शर्मा चतुर्वेदी
  8. जगन्नाथस्वामी नयनपथगामी भवतु मे— आचार्य किशोर कुणाल
  9. जगन्नाथ-स्तुति (स्कन्दपुराण से)
  10. भारतीय कालगणना एवं नवसंवत्सरोत्सव —आचार्य चन्द्रकिशोर पाराशर
  11. सामवेद ज्ञान का भण्डार है— कमलेश नन्दिनी
  12. माँ सीता की शाश्वत यात्राः सीतामढ़ी से सीतामढ़ी तक— डा. विनोद कुमार सिन्हा
  13. हिन्दू जीवन-शैली की वर्णमाला— डा० रामजी सिंह
  14. नारायण कवच : अनुवाद— अरविन्द मानव
  15. हर हर महादेव — स्व. आचार्य सीताराम चतुर्वेदी
  16. व्रत त्योहार 

अंक 70

  1. (सम्पादकीय आलेख) पौराणिक सन्दर्भ में दीपावली भवनाथ झा
  2. रामकाव्य की वर्त्तमान धारा— विद्यावाचपति डॉ० श्रीरंजन सूरिदेव
  3. श्री अरविन्द और वेदान्त— प्रो० श्री कान्त प्रसून
  4. धर्म और साधनः सिद्धि— डा० रामजी सिंह
  5. श्रुतवती भक्ति का वैशिष्ट्य— प्रो० रामाश्रय प्रसाद सिंह
  6. चण्डीस्तोत्रम् पृथ्वीधराचार्यविरचितम्
  7. श्रीदुर्गासप्तशती की भूमिका— डॉ. शिवदत्त शर्मा चतुर्वेदी
  8. हमारे जीवन-मूल्य— डी० आर० ब्रह्मचारी
  9. वाल्मीकीय रामायण में वर्णित आदर्श राजा के लक्षण — डा. शिववंश पाण्डेय
  10. सांस्कृतिक और राष्ट्रीय चेतना के संवाहक वीर सावरकर— जगदीश झा
  11. अबहिं मातु मैं जाऊँ लवाई— डॉ० कामाख्या चरण सिंह
  12. डॉ० राजेन्द्र प्रसाद और उनकी अंतिम इच्छा ‘कृष्णार्पणमस्तु’ —डॉ० एस० एन० पी० सिन्हा
  13. रामतापिन्युपनिषद् में श्रीराम का दार्शनिक स्वरूप
  14. व्रत-परिचय
  15. मालाबन्ध
  16. पुराण में वृक्षारोपण की महिमा
  17. विद्यापति के भोलेनाथ— प० भवनाथ झा 

अंक 71

  1. (सम्पादकीय आलेख) ब्रह्म और माया— भवनाथ झा
  2. रामचरितमानस‘ का शिव-सती प्रकरण— डॉ. श्रीकांत सिंह
  3. भगवान् बुद्ध के सप्त अपरिहानिया धम्मा — डा. एस. एन. पी. सिन्हा
  4. सांस्कृतिक चेतना से अनुस्यूत गया धाम— डॉ. तारकेश्वर नाथ सिन्हा
  5. सांस्कृतिक कवयित्री महादेवी की रहस्यानुभूति— डॉ विनोद कुमार सिन्हा
  6. परनिन्दा सम अघ न गरीसा— प्रो. रामविलास चौधरी
  7. श्री अरविन्द और श्रीशंकर— प्रो. श्रीकान्त प्रसून
  8. युगचेता तुलसी— श्रीकान्त व्यास
  9. तुलसीदास का देश-काल— डी. आर. ब्रह्मचारी
  10. दिनकरजी की प्रथम काव्यकृति का नाम— डा. श्यामसुन्दर घोष
  11. हिन्दी के प्रचार प्रसार में धर्म संवाहकों का योगदान— डा. तारकेश्वर नाथ सिन्हा 
  12. श्री ओझा का वैदिक चिन्तन— डा. शिवदत्त शर्मा चतुर्वेदी
  13. तपस्वी भक्तो वा भवति परतन्त्रः परचरः— डा. नवीन चन्द्र झा
  14. संस्कृत संभाषण का सरल स्वरूप— आचार्य सारंगधर
  15. रामनवमी-व्रत निर्णय
  16. आया शुभ त्योहार देश में होली का— डा० नज़ीर मुहम्मद
  17. सर्वस्व (कविता) — श्री अरविन्द मानव
  18. गङ्गादशहरा-स्तोत्र
  19. बुद्धावतार-स्तुति
  20. व्रत-त्योहार

अंक 72

  1. (सम्पादकीय आलेख) त्र्यम्बकं यजामहे — भवनाथ झा
  2. दक्षिण पूर्व एशिया की संस्कृति पर रामायण का प्रभाव— डा० विद्यानन्द उपाध्याय
  3. तीर्थंकर महावीर की जन्मभूमि : वैशाली— साहित्यवाचस्पति डॉ० श्रीरंजन सूरिदेव
  4. एक प्रच्छन्न भक्त का पुण्य स्मरण— प. गोविन्द झा
  5. भारत : जायसी के मनोदर्पण में — डी० आर० ब्रह्मचारी
  6. सबका मालिक एक— डॉ. एस.एन.पी. सिन्हा
  7. पौराणिक शाप कथाएँ : भारतीय मिथक— डॉ. जनार्दन यादव
  8. रामकथा के ऋषि : नारद— डॉ० शिववंश पाण्डेय
  9. रामचरितमानस में धर्म की अवधारणा— डॉ. हरे कृष्ण तिवारी
  10. तुलसीदास की गुरु-वियक अवधारणा— डॉ० श्रीकांत सिंह
  11. तुलसीदास की रचनाओं में मात्रिक समन्वय— आचार्य चन्द्र किशोर पाराशर
  12. हिन्दी की स्वच्छन्दप्रियता— आचार्य सारंगधर
  13. प्राचीन से अर्वाचीन तकः साहित्य की दृष्टि में ‘नारी’— डॉ. विनोद कुमार सिन्हा
  14. श्री अरविन्द में वेदान्त-सी सृष्टि— प्रो० श्रीकान्त प्रसून
  15. इक्ष्वाकु और निमि की वंशावली— वासुदेव पाण्डेय 

अंक 73

  1. (सम्पादकीय आलेख) संस्कृत में बहुवचन का प्रयोग भवनाथ झा
  2. पौराणिक शापकथाएँ: भारतीय मिथक —डॉ० जनार्दन यादव
  3. रामचरितमानस में सगुणतथा निर्गुण के सन्धिस्थल— डॉ. विनोद कुमार सिन्हा
  4. विवाह संस्कार— डॉ. राजेन्द्र झा
  5. श्रीरामचरितमानस में श्रीराम की शरीर-कान्ति— प्रो० रामाश्रय प्रसाद सिंह
  6. डाक टिकटों में भारतीय संस्कृति आचार्य —चन्द्र किशोर पाराशर
  7. तुलसी की अप्रस्तुत-योजना— डी० आर० ब्रह्मचारी
  8. सिंहासनबत्तीसी : कथाशिल्प का निहितार्थ —डॉ० श्यामसुन्दर घोष 
  9. चक्रेश्वरी त्रिपुरसुन्दरी— श्रीरंजन सूरिदेव
  10. संतन में रैदास संत हैं—डा० एस.एन.पी. सिन्हा
  11. तिथियों का प्राचीन वर्णन—आचार्य राजनाथ झा
  12. श्रीकृष्ण-क्रान्ति— गंगा पीताम्बर शर्मा ‘श्यामहृदय’
  13. वेणुगीत— अरविन्द मानव
  14. शुक्लयजुर्वेदीय मुक्तिकोपनिषद्— आचार्य सीताराम चतुर्वेदी
  15. शांति और आनंद— श्रीकान्त व्यास 

अंक 74

  • हिन्दी प्रभाग
  1. (सम्पादकीय आलेख) मुण्डेश्वरी भवानी : साहित्यिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि— भवनाथ झा
  2. मुण्डेश्वरी भवानी : देश का प्राचीनतम मन्दिर— आचार्य किशोर कुणाल
  3. मुण्डेश्वरी शिलालेख शिलालेख का अनुवाद
  4. मन्दिर का अवशिष्ट भाग एवं पुनर्निर्माण की भित्ति-योजना का प्रारूप मुण्डेश्वरी भवानी मन्दिर— डा. प्रकाश चरण प्रकाश 
  5. श्री मुण्डेश्वरी मन्दिर-अतीत और वर्तमान— दिवाकर पाठक
  6. प्राचीनतम शक्तिपीठ मुण्डेश्वरी— चक्रवर्ती श्री रामाधीन चतुर्वेदी 
  • अंग्रेजी प्रभाग
  1. Mundeshwari Inscription of Udayasena— Dr. R. D. Banarji
  2. The Mundeshwari Inscription of the Time of Udayasen:The Year 30.— N. G. Majumadar. 
  3. Temple of Mundeshwari in Sahabad — Krishna chandra Panigrahi
  4. Mundeshwari —P. C. Ray choudhary
  5. Extract From District Gazetteer Sahabad
  6. Extract From Antiquarian Remains in Bihar
  7. A Note On Mundeshwari Temple 
  • चित्र-संग्रह
  1. मूर्तियों के चित्र
  2. लघु प्रस्तर-लेखों की नेत्र-प्रति

अंक 75

  1. (सम्पादकीय आलेख) बिहार की गौरवमयी वैष्णव-धारा— भवनाथ झा
  2. बिहार में रामायण-परिपथ का निर्धारण— आचार्य किशोर कुणाल
  3. कुछ धार्मिक शब्द और उनके आशय— प. गोविन्द झा
  4. श्रीकृष्णभक्त सूर की साधना — युगल किशोर प्रसाद
  5. बोधकथा रामचरितमानस में लोक-विश्वास— श्रीकान्त सिंह
  6. तारा-तत्त्व-विमर्श— डा.तारानन्द वियोगी
  7. कार्यक्रम समीक्षा— राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘मुण्डेश्वरी शिलालेख : काल एवं विषयवस्तु’ 
  8. कृष्ण-चरितात्मक प्रबन्ध एवं तुलसी-साहित्य— डा. रामतवक्या शर्मा
  9. चातक तुलसीदास— डा. एस.एन.पी. सिन्हा
  10. Mundeshwari Edict of 108 A.D. — Acharya Kishore Kunal

अंक 76

  1. (सम्पादकीय आलेख) लोकरत्न ज्योतिर्विद् डाक— भवनाथ झा
  2. पुराणों में रामविषयक सन्दर्भ —डॉ. शिववंश पाण्डेय
  3. राम, रामायण और राम-सेतु की पुरातनता—डॉ. तपेश्वर नाथ
  4. मर्यादापुरुषोत्तम राम की ऐतिहासिकता— आचार्य किशोर कुणाल
  5. भजन और श्रीमद्भागवत महापुराण— डॉ. सीताराम झा ‘श्याम’
  6. राजा बलि की दानशीलता— डॉ. जयनन्दन पाण्डेय
  7. भक्त कवि नरोत्तम दास— युगल किशोर प्रसाद
  8. संस्कृत-साहित्य में बाल-हितैषणा के तत्त्व— साहित्यवाचस्पति डॉ. श्रीरंजन सूरिदेव
  9. सत्य साईं— डॉ. एस.एन.पी. सिन्हा
  10. श्री पार्वती गीता : एक अनुशीलन— डॉ. राजेन्द्र झा
  11. कीट्स-काव्य और कामायनी— डॉ. अशोक कुमार ‘अंशुमाली’
  12. मैथिली भक्ति लोकगीतों में जीवन-दर्शन— डी. आर. ब्रह्मचारी
  13. वाणी एवं चरित्र—प्रो. रामाश्रय प्रसाद सिंह 

अंक 77

  1. (सम्पादकीय आलेख) मण्डन मिश्र का व्यक्तित्व भवनाथ झा
  2. सांस्कृतिक समन्वयाचार्य : आदि शंकराचार्य— डा. एस.एन.पी. सिन्हा
  3. आदिकाव्य की प्रकति का विभावगत वर्णन— डा. श्याम सुन्दर पाण्डेय
  4. महाकवि कालिदास का शिव-प्रेम— डॉ. सत्या दयाल
  5. ‘वेतालपचीसी’ का गूढार्थ-व्यंजक शिल्प— डॉ. श्यामसुन्दर घोज़
  6. ‘पृथ्वीराज-रासो’ में देवोपासना एवं भक्ति के बीज—युगल किशोर प्रसाद
  7. श्रीकृष्णक्रान्ति (ललित-निबन्ध) — गंगापीताम्बर शर्मा ‘श्यामहृदय’
  8. लोक-जीवन में रसे-बसे राम —डॉ. श्रीकांत सिंह
  9. वेदों में वैज्ञानिक शिल्प— डॉ. धीरेन्द्र झा
  10. विज्ञान एवं भक्ति का संगम— डॉ. जटाधारी 
  11. कर्म का अधयात्म और अधयात्म का कर्म— डी. आर. ब्रह्मचारी
  12. जीवन का अन्तिम सोपान— कैलाश त्रिपाठी
  13. कुण्डलिनी : पिण्ड से ब्रह्म तक —प्रो. श्रीकान्त प्रसून
  14. मिथिला की वैष्णव धारा— डा. किशोरनाथ झा
  15. रिपोर्ताज : दाहा नदी, पाण्डेय परसवनी एवं लक्ष्मण कुण्ड 

अंक 78

  1. (सम्पादकीय आलेख) सोमवती अमावस्या व्रत विधान—भवनाथ झा
  2. राष्ट्रीय पंचांग, जिसे हम भूल गये— पं. गोविन्द झा
  3. बुद्ध-युग की वैशाली— डॉ. श्रीरंजन सूरिदेव
  4. बिहार के सिद्ध साहित्यकार— डॉ. श्रीकांत सिंह
  5. बिहार संस्कृति : मानव संस्कृति— डॉ० जटाधारी
  6. ब्रह्मतत्त्व एवं प्राण—प्रो. श्रीकान्त प्रसून
  7. समकालीन हिन्दी कविता में लोक-चेतना— डॉ. शिववंश पाण्डेय
  8. घोड़सेमर का ऐतिहासिक महत्त्व— श्री सीताराम पाण्डेय 
  9. वैदिक सर्वात्मवाद की व्यापकता— श्री युगल किशोर प्रसाद
  10. रामायण में पर्वत-वर्णन—डा० श्याम सुन्दर पाण्डेय
  11. शाश्वत सत्य का स्वरूप—डा. एस.एन.पी. सिन्हा
  12. मुण्डेश्वरी चालीसा— श्री घनश्याम दास ‘हंस’ 

अंक 79

  1. (सम्पादकीय आलेख) हरिहर-क्षेत्र-माहात्म्य— पं. भवनाथ झा
  2. वाल्मीकि रामायण के अनुसार समुद्र-मन्थन की कथा— आचार्य किशोर कुणाल
  3. समुद्र मन्थन की कथा संकलन— पं. भवनाथ झा
  4. ‘सूरसागर’ का समुद्र-मन्थन-प्रसंग 
  5. The Churning of the Ocean ( Extracted from the Mahabharata). Trans. by R.T.H. Griffith
  6. कुम्भपर्व का शास्त्रीय स्वरूप हिन्दी अनुवाद एवं प्रस्तुति— पं. भवनाथ झा
  7. सिमरिया में कुम्भ/अर्द्धकुम्भ के प्रश्न पर श्री चिदात्मन् स्वामी का पक्ष
  8. माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा गठित समिति की सिमरिया में अर्द्ध-कुम्भ विषयक संस्तुति
  9. पर्व-निर्णय ग्रन्थ के भूमिका लेखक श्री नगेन्द्र कुमार शर्मा के द्वारा भूमिका में कुम्भपर्वनिर्णय निबन्ध का अंग्रेजी में प्रस्तुत संक्षिप्त विवेचन
  10. सिमरिया में कार्तिक कल्पवास की मोक्षदायिनी परम्परा को बाधित न करें – आचार्य किशोर कुणाल
  11. श्रीमद्भगवद्गीता की प्रासंगिकता— डॉ. सीताराम झा ‘श्याम’
  12. (पुस्तक-समीक्षा) अगस्त्य-संहिता का समीक्षात्मक विवरण— प्रो. रामविलास चौधरी 

अंक 80

  1. (सम्पादकीय आलेख) दान की गयी भूमि के अपहरण का पाप—भवनाथ झा
  2. दानमानविमर्श— डॉ. कृष्णानन्द झा
  3. कौमुदी-महोत्सव की परम्परा और पाटलिपुत्र— डॉ. श्रीरंजन सूरिदेव
  4. वैदिक साहित्य में त्रयी-एक विश्लेषण— प्रो० रामविलास चौधरी
  5. जीवन का दर्शन : आरसी एवं टेनिसन की दृष्टि में— प्रो० अशोक कुमार अंशुमाली’
  6. श्रीकृष्ण-क्रान्ति— पं. गंगा पीताम्बर शर्मा
  7. संत सूरजदास-कृत रामजन्म‘ काव्य-कृत्ति’ — श्री युगल किशोर प्रसाद
  8. ‘रामायण’ में ‘सुन्दरकाण्ड’ का महत्त्व— डॉ. शिववंश पाण्डेय
  9. ‘मानस’ में वर्णित शाप तथा उनकी दिशाएँ— डॉ. श्रीकांत सिंह
  10. रामचरितमानस में नगर-वर्णन— डॉ. राजेश्वर प्रसाद
  11. ‘मानस’ का पुष्पवाटिका- प्रसंग— डॉ. गनौरी महतो
  12. हस्ती मिटती नहीं हमारी— डॉ. एस.एन.पी. सिन्हा
  13. कर्म एवं ज्ञान के बीच सम्बन्ध — भवनाथ झा 

अंक 81

  1. (सम्पादकीय आलेख) जानकी-स्तवराज— भवनाथ झा
  2. मण्डन मिश्र का निवास— डॉ० शशिनाथ झा
  3. परिक्रमा/प्रदक्षिणा— सुरेशचन्द्र मिश्र 
  4. मन्दिर समाचार परिक्रमा
  5. विराट् रामायण मन्दिर के मॉडल का अनावरण
  6. महावीर मन्दिर में लोकसभा स्पीकर माननीया मीरा कुमार का कार्यक्रम
  7. भगवान् बुद्ध का चरित अब अधूरा नहीं रहा
  8. रामावत संगत
  9. सीताराम विवाहोत्सव का द्विदिवसीय कार्यक्रम आयोजित
  10. गीता-जयन्ती का समारोह
  11. सन्त पलटू दास और उनका दर्शन— गोपाल
  12. भारतीय श्रीरामचरितमानस में जग-दर्शन— डा. राजेश्वर नारायण सिन्हा 

अंक 82

  1. लक्ष्मीहृदयस्तोत्रम्— अनुवादक भवनाथ झा
  2. श्रीनारायणहृदयस्तोत्र— मूलमात्र
  3. रघुवंश में दिव्यानुभूतियों की एक झलक— पं. सुरेशचन्द्र मिश्र
  4. त्याग के प्रतीक- महात्मा भरत — डा. मोना बाला
  5. समानोत्थानवादी संत कवि कबीर— श्री गौरीशंकर मिश्र
  6. स्वस्थ जीवन शैली अपनायें और नीरोग रहें — डा. जितेन्द्र कुमार सिंह
  7. महाकाव्य-चिन्तनः आलोचक एवं रचनाकार के विचार — डा. पण्डित विनय कुमार
  8. भारत में सौर उपासना की प्राचीनता — श्री पवन कुमार
  9. सूर्य के विभिन्न प्रकार की मूर्तियों का उल्लेख — भवनाथ झा
  10. विस्मयकारी है स्वप्नों का संसार— श्रीमती सपना

अंक 83

  1. (सम्पादकीय आलेख) शारदा-तिलक में रामोपासना का स्वरूप— पं. भवनाथ झा
  2. मगध-क्षेत्र में सूर्य-उपासना की प्राचीनता— पं. सुरेशचन्द्र मिश्र
  3. बिहार के पर्यटन विकास में हिन्दू-विरासत की भूमिका— आचार्य किशोर कुणाल 
  4. जयशंकर प्रसाद की कामायनी के श्रद्धा-मनु एवं प्राकृतिक सौन्दर्य का वर्णन— प्रो०(डॉ०)अशोक कुमार ‘अंशुमाली’
  5. ‘विनय-पत्रिका’ की हरि-शंकरी— डॉ. (प्रो.) राजेश्वर नारायण सिन्हा 
  6. राजर्षि अम्बरीष एवं दुर्वासा की कथा— डॉ. जयनन्दन पाण्डेय
  7. “तुलसी-साहित्य पर संस्कृत के अनार्ष प्रबन्धों की छाया” एक दृष्टि— डा. आलोक कुमार
  8. सामाजिक सद्भाव का दृष्टान्त : सिमरी का महावीरी झण्डा— डा. लक्ष्मीकान्त मुकुल
  9. व्यावहारिक वेदान्त के प्रतिष्ठाताः स्वामी विवेकानन्द— डा० भुवनेश्वर प्रसाद गुरुमैता
  10. ‘रामलला नहछू’ का काव्य-सौन्दर्य श्री युगल किशोर प्रसाद 
  11. धर्म, संस्कृति, सम्प्रदाय और लोक-जीवन— डा. विनय कुमार सिंह
  12. मन्दिर समाचार परिक्रमा

अंक 84

  1. (सम्पादकीय आलेख) श्रीराममानस-पूजा— भवनाथ झा
  2. नववर्षोत्सवविमर्शः— पं. कृष्णानन्द झा
  3. महर्षि पाणिनि और उनका अष्टाध्यायी— डा. (प्रो.) शिवचन्द प्रसाद
  4. हिमालय से गंगासागर तक गंगा की यात्रा— श्री ओम प्रकाश सिन्हा 
  5. गुरु दसमेस— श्री मगन देव नारायण सिंह
  6. कठोपनिषद् में प्रतिपादित दान एवं अतिथि सत्कार का महत्त्व— पं. गिरिजानन्दन पाण्डेय
  7. उपासना— पं. सुरेशचन्द्र मिश्र 
  8. आपदर्थे धनं रक्षेत्— श्री सर्वेशचन्द्र मिश्र
  9. अथ माँ शबरी स्तुति— साधु घनश्याम दास ‘हंस’जी
  10. अन्य-स्तम्भ
  11. मन्दिर समाचार-परिक्रमा
  12. महावीर आरोग्य संस्थान के बढ़ते कदम 

अंक 85

  1. (सम्पादकीय आलेख) श्रीराम-स्तुति (सात्वत-तन्त्र से) भवनाथ झा
  2. हनुमत्-स्तुति— सुरेश चन्द्र मिश्र
  3. देवी-पूजन में सर्वोत्तम नैवेद्य का विवेच भवनाथ झा
  4. वैष्णव सन्त तुलसीदास की अन्तर्यात्रा— डॉ. राजेश्वर नारायण सिन्हा
  5. रामायणकालीन-राजव्यवस्था— डा० मोना बाला
  6. तुलसी का युगबोध एवं सामाजिक आदर्श — श्री राकेश चन्द्र मिश्र ‘विराट’
  7. लोकदेवता महात्मा गणिनाथ एवं योगेश्वर गोविन्दजी— श्री गोपाल भारतीय
  8. मूर्ख के लक्षण— प्रो. रामविलास चौधरी
  9. रुद्राक्ष के धार्मिक अनुप्रयोग— डा. मगनदेव नारायण सिंह
  10. गर्भस्थ परीक्षित पर भगवान् श्रीकृष्ण की कृपा— डा. जयनन्दन पाण्डेय 
  11. अद्भुत है हमारा शरीर— डा. नीरज कुमार मिश्र
  12. ज्योतिष की दृष्टि में मानसिक रोग एवं अस्थमा रोग— डा. राजनाथ झा
  13. अन्य स्थायी स्तम्भ
  14. योग की परिभाषा
  15. बोध-कथाएँ
  16. संस्कृत-पाठ
  17. मन्दिर समाचार-परिक्रमा
  18. महावीर मन्दिर में विभिन्न पूजन मदों में निर्धारित शुल्क 

अंक 86

  1. (सम्पादकीय आलेख) धर्म का शून्य स्तर—  भवनाथ झा       
  2. शास्त्राध्ययन-परम्परा का संरक्षण— आचार्य किशोर कुणाल  
  3. हिन्दी के प्रचार-प्रसार में धर्मसंवाहक सन्तों की भूमिका— डा. श्रीरंजन सूरिदेव      
  4. ऋक्-संहिता में सूर्य— डा. किरण कुमारी     
  5. वैष्णव-सन्त तुलसीदास की अन्तर्यात्रा (गतांक से आगे) — डा. राजेश्वर नारायण सिन्हा     
  6. शिवताण्डव स्तोत्र (हिन्दी पद्यानुवाद) —  अनु. गोपाल भारतीय    
  7. चरैवेति— प्रो. चन्द्रशेखर द्विवेदी ‘भारद्वाज’ 
  8. श्रीगुप्तधाम की यात्रा— श्री घनश्याम दास ‘हंस’      
  9. राजा परीक्षित् को शृङ्गी ऋषि का शाप— डा. जय नन्दन पाण्डेय     
  10. हिन्दी धार्मिक फिल्मों का स्वर्णिम अतीत— श्री ओम प्रकाश सिन्हा
  11. भारतीय वाङ्मय में माँ का स्वरूप— श्री युगल किशोर प्रसाद
  12. ज्योतिष की दृष्टि से कैंसर का विश्लेषण—  डा. राजनाथ झा  
  13. अन्य स्थायी स्तम्भ-
  14. प्रवचन
  15. देवस्तुति
  16.  मन्दिर समाचार-परिक्रमा
  17. संस्कृत-शिक्षा आदि

अंक 87

  1. (सम्पादकीय आलेख) ऋग्वेद में श्राद्धकर्म की श्रेष्ठता हिन्दी अनुवाद भवनाथ झा
  2. रुचिकृत पितृ-स्तुति हिन्दी अनुवाद भवनाथ झा
  3. अब लौं नसानीं, अब ना नसैहौं  श्री सुरेश चन्द्र मिश्र
  4. दान करे कल्याण  पं. मार्कण्डेय शारदेय
  5. संस्कृत नाट्यकला और भास  डॉ. क्षमा कुमारी
  6. विष्णुपद मन्दिर का दर्शन और पूर्वजों का भाव-तर्पण  डा. एस. एन. पी. सिन्हा
  7. ऋग्वेद में सविता का स्वरूप  डॉ. किरण कुमारी शर्मा
  8. इंसान की निःस्वार्थ सेवा ही सच्चा धर्म  श्री मगन देव नारायण सिंह
  9. अलौकिक अनुभूतियाँ  श्री युगल किशोर प्रसाद
  10. महाराज परीक्षित् का अनशन व्रत  डा. जयनन्दन पाण्डेय
  11. युगल छवि गीत  डा. राकेश चन्द्र मिश्र ‘विराट्’
  12. पुरुषोत्तममास माहात्म्य  भारतेन्दु हरिश्चन्द द्वारा अनूदित
  13. राष्ट्रीय अस्मिता और हिन्दी  प्रो. (डॉ.) आलोक कुमार
  14. ज्योतिषशास्त्र की दृष्टि से गठिया रोग  आचार्य राजनाथ झा
  15. एवं अन्य स्थायी स्तम्भ

अंक 88

  1. सरस्वती वंदना डा. अशोक मिश्र
  2. (सम्पादकीय आलेख) रामचरितमानस के प्रथम सम्पादन की विशेषता  — पं. भवनाथ झा
  3. भारतीय दर्शन में मुक्ति की अवधारणा साहित्यवाचस्पति डा. श्रीरंजन सूरिदेव
  4. अब लौं नसानीं, अब ना नसैहौं श्री सुरेश चन्द्र मिश्र
  5. भगवानगंज (मसौढ़ी) का द्रोण स्तूप श्री मगन देव नारायण सिंह
  6. साहेब रामदास के रामभक्ति-विषयक पाँच पद पं. भवनाथ झा
  7. पं. रामावतार शर्मा के मारुतिशतकम् के हनुमान्  प्रो. चन्द्रशेखर द्विवेदी भारद्वाज
  8. पटना में छठ-पर्व का एक वृत्तान्त  फेनी पार्क्स अनु. डॉ. छाया कुमारी
  9. पाटलिपुत्र की ऐतिहासिक विरासतश्री ओम प्रकाश सिन्हा
  10. रामानुजाचार्य का भक्ति के विकास में योगदान श्री युगल किशोर प्रसाद
  11. राष्ट्रीय अस्मिता और हिन्दी   श्री आलोक कुमार
  12. ‘पूषा’ रूप में सूर्य डा. किरण कुमारी शर्मा
  13. प्राचीन काल में यज्ञ का महत्त्व डा. मोना बाला
  14. भारतीय ज्योतिष की दृष्टि से नेत्ररोग-विमर्श आचार्य राजनाथ झा
  15. मन्दिर समाचार परिक्रमा
  16. अन्य स्थायी स्तम्भ

अंक 89

  1. (सम्पादकीय) हनुमज्जागरणस्तुतिः भवनाथ झा
  2. अब लौं नसानीं अब ना नसैहौं सुरेश चन्द्र मिश्र
  3. पाण्डवगीता  (सम्पादक) शशिनाथ झा
  4. बक्सर में गंगा: अतीत से वर्तमान तक लक्ष्मीकान्त मुकुल
  5. कोशी किनारे के लोकगीत मगनदेव नारायण सिंह
  6. अष्टावक्र गीता – (हिंदी पद्यानुवाद) उमाशंकर सिंह
  7. यज्ञ का आधर है मन्त्र-शक्ति अशोक कुमार मिश्र
  8. पाटलिपुत्र की ऐतिहासिक विरासत ओम प्रकाश सिन्हा
  9. तुलसी के मानवतावाद की प्रासंगिकता आशुतोष मिश्र
  10. आदि शंकराचार्य सविता मिश्रा ‘मागधी’
  11. कलियुग का काल उषा रानी
  12. गण्डमूल दोष: भ्रान्ति एवं वास्तविकता राजनाथ झा
  13. श्रवण कुमार पुरस्कार योजना

अंक 90

  1. (सम्पादकीय आलेख) हनुमान-चालीसा की एक पाण्डुलिपि का विवेचन—भवनाथ झा
  2. धन की अधिष्ठात्री देवी: गोमाता— स्व. कुमार गंगानन्द सिंह
  3. श्री भक्तवर शंकर दासजी का जीवन चरित्र— स्व. बाबू रामदीन सिंह
  4. शिक्षा का प्राचीन भारतीय स्वरूप— युगल किशोर प्रसाद
  5. अब लौं नसानीं अब ना नसैहौं, भाग- 4 पं. सुरेशचन्द्र मिश्र
  6. मुरली— डॉ. उषा रानी
  7. क्या, बस यही ज्ञान है? — अवधेश मिश्र
  8. एक संत की जीवन-यात्रा—  घनश्याम दास हंस
  9. साधना— डॉ. गणेश शंकर पाण्डेय
  10. कृषि विज्ञान में ज्योतिषशास्त्र की भूमिका— ज्योतिषाचार्य डॉ. राजनाथ झा
  11. पञ्चगव्य बनाने की शास्त्रीय विधि
  12. ईश्वरानुभूति — पं. सुरेशचन्द्र मिश्र
  13. संस्कृत सीखें—भवनाथ झा
  14. आवासीय कर्मकाण्ड प्रशिक्षण कार्यशाला— भवनाथ झा

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