धर्मायण अंक संख्या 94, वैशाख 2077 वि.सं.

Dharmayan, vol. 94

धर्मायण पत्रिका शोध आलेख
  • (Title Code- BIHHIN00719),
  • धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय चेतना की पत्रिका,
  • मूल्य : बीस रुपये
  • प्रधान सम्पादक आचार्य किशोर कुणाल
  • सम्पादक भवनाथ झा
  • पत्राचार : महावीर मन्दिर, पटना रेलवे जंक्शन के सामने पटना- 800001, बिहार
  • फोन: 0612-2223798
  • मोबाइल: 9334468400,
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Dharmayan-vol-94

विषय-सूची, अंक संख्या 94, वैशाख, 2077 वि.सं.

  1. आर्ष-साहित्य में जानकी-स्तोत्र का स्वरूप– सम्पादकीय आलेख (पं. भवनाथ झा)
  2. श्रीजानकी के जन्मदिवस का धर्मशास्त्रीय निर्णय (पं. भवनाथ झा)
  3. जानकीप्रातमंगलम्  (पाण्डुलिपि से सम्पादन, पं. भवनाथ झा)              
  4. जगज्जननी जानकी में रमता जनकपुर धामडा. रामभरोस कापड़ि भ्रमर’    
  5. विद्यापति के गीत में सीता-राम का प्रसंग पं. शशिनाथ झा
  6. सीता निर्वासन का विमर्श- आचार्य किशोर कुणाल
  7. राम एवं सीता की मूर्ति का विमर्शडा. सुशान्त कुमार
  8. युगप्रवर्त्तक महापुरुष अभिनव जयदेव विद्यापति- डा. शंकरदेव झा
  9. विद्या और विवेक में अन्तर– डा. राजनीति झा
  10. सीताजी का बचपन (पुस्तक-अंश)- जहूरबख्श ‘हिन्दी कोविद
  11. अध्यात्म-रामायण से राम-कथा (पुस्तक-अंश) –आचार्य सीताराम चतुर्वेदी
  12. मन्दिर समाचार        
  13. पर्व-त्योहार
  14. मातृभूमि-वंदना
  15. रामावत संगत से जुड़िए

लेखकों से निवेदन

‘धर्मायण’ का अगला अंक गंगा-विशेषांक के रूप में प्रस्तावित है। गंगा सनातन धर्म में ध्वजवाहिनी के रूप में प्रवाहित रही है। सनातन धर्म के तीन गकारादि स्तम्भ गंगा, गौ एवं गीता का महत्त्व हम सभी जानते हैं। ज्येष्ठ मास में गंगा-दशहरा का प्रतिष्ठित अवसर उपस्थित है, इस अवसर पर सनातन धर्म, लोक-जीवन अथवा धार्मिक-साहित्य में गंगा से सम्बन्धित आलेख आमन्त्रित हैं। सन्दर्भ के साथ शोधपरक आलेखों का प्रकाशन किया जायेगा। अपना टंकित अथवा हस्तलिखित आलेख हमारे ईमेल mahavirmandir@gmail.com पर अथवा whatsApp. संख्या +91 9334468400  पर भेज सकते हैं। प्रकाशित आलेखों के लिए पत्रिका की ओर से पत्र-पुष्प की भी व्यवस्था है।

2 thoughts on “Dharmayan, vol. 94

  1. सुन्दर । शोधपूर्ण ।
    उपयोगी जानकारी ।

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